Cheque kya hai –
आज के डिजिटल बैंकिंग के दौर में जादा तर लोग IMPS,UPI और NETBANKING का इस्तेमाल करते है लेकिन आज भी CHEQUE बैंकिंग में मेहेतव पूर्ण भूमिका निभाता है ,अगर आप को हाई वैल्यू Transactions,बिज़नस पेमेंट ,सैलरी पेमेंट,रेंट,स्कूल फीस .की पेमेंट करनी हो तो आज भी जादा तर लोग CHEQUE का इस्तेमाल करते है .
अगर आप एक बैंक कस्टमर है या बैंकिंग की तयारी कर रहे है तो आज का लेख आपके लिए होने वाला है क्योकि आज के लेख में हम जानेगे
- Cheque kya hota hai
- Cheque ke prakar (Types of Cheque)
- Cheque ke Parts
- Cheque ke fayde aur Nuksan
- Cheque Bharne Ka sahi tarika
Cheque kya hota hai
Cheque एक written डॉक्यूमेंट होता है जिसका इस्तेमाल करके customer बैंक को आर्डर देता है की जो अमाउंट चेक में लिखी गई है उसे किसी व्यक्ति या आर्गेनाईजेशन को पे किया जाये.
सरल भाषा में चेक एक written पेमेंट आर्डर होता है |
Example –
अक्षय नाम के व्यक्ति ने राहुल को 50000 रुपए देने है ,तो akshay कैश की जगह राहुल के नाम से चेक इशू कर सकता है .राहुल उस चेक को बैंक में जाके withdrawal करके पैसे ले सकता है.
चेक एक बिल ऑफ़ एक्सचेंज है ,इसका मतलब है चेक हमेशा बैंक के नाम पर इशू होता है और डिमांड करते ही पेमेंट की जा सकती है |

Cheque ke main parties
चेक में तीन पार्टीज होती है .
- Drawer : चेक इशू करने वाला व्यक्ति – Example –Akshay
- Drawee: जिस बैंक को पेमेंट करनी होती है – Example – Axis Bank
- Payee : जिसको पेमेंट मिलनी है – Example – Rahul
Cheque ke prakar (Types of Cheque)
- Bearer Cheque : चेक जिस व्यक्ति के पास होता है ,वोही बैंक से पेमेंट ले सकता है .इस चेक में payee की आइडेंटिटी वेरीफाई करने की जरूरत नही होती . बैंक की भाषा में इस चेक को रिस्की चेक कहा जाता है.
- Order Cheque : इस चेक की पेमेंट उसी व्यक्ति को की जाती है जिसका नाम चेक में लिखा होता है ,बैंक के द्वारा payee की आइडेंटिटी वेरीफाई की जाती है ,आर्डर चेक bearer चेक से जादा सेफ होता है |
- Cross Cheque : जिस चेक में साइड में दो parallel लाइन बनी होती है वो चेक cross Cheque होते है ऐसे चेक की पेमेंट काउंटर में ना होके सीधा बैंक अकाउंट में की जाती है |
- Post Dated Cheque : जिन चेक मैं आगे की डेट मेंशन होती है वो Post Dated Cheque ऐसे चेक की पेमेंट तभी की जाती है जब वो डेट आती है ,इन्हें सरल सब्दो में फ्यूचर चेक कहा जाता है |
- Anti Dated Cheque : जिन चेक में प्रेजेंट डे से पहेले की डेट लिखी होती है वो Anti Dated Cheque होते है ऐसे चेक की पेमेंट आसानी से काउंट से हो जाती है .
- Stale Cheque : कोई भी चेक तीन महीने तक valid होता है ,जिन चेक की validity ख़तम हो जाती है तो वो Stale Cheque बन जाते है.|
Cheque Important Parts
- DATE
- PAYEE NAME
- AMOUNT IN FIGURE
- AMOUNT IN WORDS
- SIGNATURE
- MICR CODE
- IFSC CODE
- CHEQUE NUMBER
- ACCOUNT NUMBER
Cheque Ke Advantage
- सेफ एंड सिक्योर पेमेंट मेथड
- लार्ज अमाउंट आसानी से ट्रान्सफर कर सकते है
- जो भी पेमेंट चेक के दवारा की जाती है उसका written प्रूफ होता है
- बिज़नस Transactions के चेक उसेफुल होता है
- काश कैर्री करने की जरुरत नही होती
Cheque ke Disadvantage
- Clearing में टाइम लगता है
- बाउंस होने का रिस्क होता है और चार्जेज लग जाते है
- चेक लॉस्ट होने पे मिसयूज हो सकता है
- फिजिकल डॉक्यूमेंट है
- डिजिटल पेमेंट से स्लो है
Cheque Bharne ka tarika
- चेक भरते टाइम कुछ बातो का ध्यान रखे
- चेक में डेट सही लिखे
- payee का नाम साफ़ साफ़ लिखे
- चेक में अमाउंट वर्ड और फिगर में same लिखे
- चेक में ब्लांक स्पेस ना छोडें
- चेक में सिग्नेचर बैंक रिकॉर्ड के अनुसार करे
- ब्लू और ब्लैक पेन का यूज़ करे
- चेक में ओवर राईट या cutting ना करे
Frequently Asked Questions
- चेक कितने दिन तक valid होता है ?
चेक में जो डेट डली होती है उस दिन से 90 दिन तक ही चेक valid होता है.
- cross चेक की पेमेंट काश में मिलती है ?
जवाब है नही cross चेक की पेमेंट हमेशा अकाउंट में क्रेडिट की जाती है|
- चेक बाउंस होने पर क्या होता है ?
चेक बाउंस होने पर पेमेंट को रोक दिया जाता है, पेमेंट को अकाउंट में क्रेडिट नही किया जाता, चेक बाउंस के चार्जेज भी लगते है लेकिन कुछ केस में बाउंस के चार्जेज नहीं लगते और चार्जेज बैंक to बैंक डिपेंड करते है |
Conclusion
Cheque banking सिस्टम का एक महत्वपूर्ण पेमेंट इंस्ट्रूमेंट है, भारत में डिजिटल पेमेंट के बढ़ते ट्रेंड में भी चेक का इस्तेमाल बिज़नेस हाई वैल्यू Transaction में किया जाता है .अगर आप चेक के प्रकार और उनको use को समझ जाते है तो बैंकिंग आपके लिए बहुत आसान हो जाती है |